उत्तराखंड में भारी बारिश से आई आपदा. उत्तराखंड में बादल फटा. दरक गये पहाड़. टूटे पहाड़ ने दिये जख्म. खौफनाक बारिश.ये कुछ ऐसी हेडिंग्स हैं, जो अक्सर अखबारों और न्यूज चैनेल्स की सुर्खियां बनती है. ऐसी खबरों को सुनकर महसूस होता है कि जैसे मौसम, बारिश, बादल और नदी, ये सब इंसानों के दुश्मन हो. जबकि ऐसा है नहीं. विशेषज्ञों का कहना है कि बादल फटना या भूकंप आना तो हजारों सालों से होती आई एक प्राकृतिक परिघटना है. इस प्राकृतिक परिघटनाओं में नुकसान तभी होता है जब इनके रास्ते में कोई मानव जनित निर्माण आता है. देखिए बारामासा की ये रिपोर्ट.