अल्मोड़ा के रहने वाले वरिष्ठ लेखक और व्यंग्यकार शंभू राणा का लिखा यह लेख नैनीताल समाचार, सत्याग्रह, काफल ट्री और पहाड़ में प्रकाशित हो चुका है.