भू-क़ानून पर बैकफ़ुट पर आने लगी है उत्तराखंड सरकार.

  • 2024
  • 11:21

बीता साल जाते-जाते जिन लोगों पर मेहरबान हुआ, उनमें प्रदेश के दायित्वधारी सबसे ऊपर रहे. सरकार ने बीते दिनों जिन 11 भाजपा नेताओं को दायित्व के बोझ से लादा था, अब उनके दायित्व की असल लागत भी सामने आ गई है. मंत्री परिषद अनुभाग से 25 दिसंबर को जारी शासनादेश में सामने आया कि इन दायित्वधारियों को हर महीने 45 हजार का मानदेय, 80 हजार रुपए टैक्सी भाड़ा और 25 हजार रुपए का आवास भत्ता मिलेगा. देश भर में महँगे से महंगा मोबाइल रिचार्ज प्लान भले ही एक हजार से कम में आ जाता है, लेकिन अपनी सरकार इन दायित्वधारियों को मोबाइल बिल के बदले दो हजार रुपए प्रति माह का भुगतान करेगी. इसके साथ ही उन्हें दायित्व का बोझ उठाने में मदद करने के लिए 15 हजार रुपए का एक पर्सनल असिस्टेंट और 12 हजार रुपए की दर से एक फोर्थ क्लास कर्मचारी भी मिलेगा. उक्त महानुभाव दायित्व पूरा करने के लिए एक महीने में दो बार हवाई यात्रा भी राजकोष की कीमत पर कर सकेंगे, साथ ही सरकारी गेस्ट हाउस और सर्किट हाउस की मुफ्त सेवा तो मिलेगी ही. इस तरह एक दायित्व की कीमत उत्तराखंड राज्य को हर महीने करीब दो लाख रुपए तक पड़ रही है.

साल 2023 के खत्म होते-होते भू-क़ानून के सवाल पर सरकार भी बैकफ़ुट पर आती दिखी. आनन-फ़ानन में एक आदेश सरकार ने इस सम्बंध में जारी किया है. इसके साथ ही बीते हफ़्ते क्या कुछ गुजरा राजनीति के एक्स्ट्रा कवर से, देखिए हमारे इस साप्ताहिक बुलेटिन में…