उत्तराखंड में कांग्रेस-भाजपा से इतर किसी तीसरी राजनीतिक ताक़त के उभार की बातें समय-समय पर होती रही है. लेकिन कई लोग मान रहे हैं कि Uttarakhand में जिस तरह का political vaccum इन दिनों बन रहा है, वो आज से पहले कभी नहीं रहा.
राज्य आंदोलनकारी रहे डॉक्टर एसपी सती इस बातचीत में बता रहे हैं कि बेरोज़गार आंदोलन और मूल निवास-भू क़ानून आंदोलन से जो नए चेहरे सामने आए हैं, वो प्रदेश को एक नया राजनीतिक विकल्प दे सकते हैं. इसकी कितनी सम्भावनाएँ हैं, सुनिए बारामासा के इस पॉडकास्ट में…