जोशीमठ शहर से कुछ ऊपर स्थित सुनील के रहने वाले दुर्गा प्रसाद सकलानी के घर में 2021 से ही दरारें आने लगी थी. बीते डेढ़ साल से वे लगातार इस बारे में सम्बंधित अधिकारियों को लिख रहे थे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी. उनकी आपबीती से समझिए जोशीमठ त्रासदी की कहानी.